एलआईसी की हिस्सेदारी बेचने के खिलाफ हिमाचल में गरजे बीमा कर्मचारी

 शिमला

एलआईसी की हिस्सेदारी बेचने के फैसले के खिलाफ मंगलवार को भारतीय जीवन बीमा निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर हल्ला बोला। राष्ट्रीय यूनियन के आह्वान पर प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में मंगलवार को एक घंटे तक धरना-प्रदर्शन किया गया। मार्च से संघर्ष तेज करने की चेतावनी देते हुए अनिश्चितकालीन हड़ताल की धमकी भी दी। नार्दर्न जोन इंश्योरेंस इंप्लाइज एसोसिएशन के बैनर तले मंगलवार को प्रदेश भर में दोपहर सवा 12 से सवा एक बजे तक एलआईसी कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन किए गए। एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष सुभाष भट्ट, उपाध्यक्ष पंकज सूद और सचिव प्रदीप मिन्हास ने बताया कि हिस्सेदारी बेचने के खिलाफ अभी एक घंटे की टोकन स्ट्राइक की गई है। केंद्र सरकार फैसले से नहीं पलटी तो अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी।

एसोसिएशन के महासचिव प्रदीप मिन्हास ने कहा कि केंद्र सरकार का यह निर्णय देश के खिलाफ है। देश की अर्थव्यवस्था को चलाने वाली संस्था को डुुबोने का प्रयास किया जा रहा है। जब भी शेयर मार्केट गिरती है तो उसे स्थिर करने का काम एलआईसी करती है। देश में सभी क्षेत्रों में एलआईसी ही निवेश करती है। डेढ़ लाख करोड़ रुपये रेलवे को दिए गए थे। आईडीबीआई बैंक जब डूब रहा था तो इसे टेक ओवर किया गया।

विदेशी पूंजी और निजी क्षेत्र को लाभ पहुंचाने को भी ऐसा किया जा रहा है। मिन्हास ने कहा कि 20 साल की प्रतियोगिता के बावजूद मार्केट शेयर 77 प्रतिशत हो गया है। एलआईसी निजी क्षेत्र को नजदीक नहीं फटकने देती रही है। देश में 30 करोड़ पालिसी धारकों और 10 करोड़ ग्रुप इंश्योरेंस वालों के एलआईसी पर विश्वास पर केंद्र सरकार हमला कर रही है। राजधानी शिमला के मॉल रोड और कसुम्पटी में हुई हड़ताल में लीला दत्त कश्यप, शैलेश जैन, बलवीर सिंह, अरुणलता सरकेक, दीपा शर्मा, सपना सहित कई अन्य शामिल रहे।

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